A heart touching poem on the desire to be a kid again
A heart touching poem on the desire to be a kid again

एक सुकून कि तालाश मे,
ना जाने कितनी बेचैनियाँ पाल लीं…

और लोग कहते हैं,
हम बड़े हो गये और ज़िन्दगी संभाल ली…

बचपन में सबसे अधिक पूछा गया एक सवाल ।
-बड़े होकर क्या बनना है….?
अब जाकर जवाब मिला ।
-फिर से बच्चा बनना है ..

http://www.padhokhelo.com/wp-content/uploads/2014/09/I-want-to-be-a-kid-again-1024x680.jpghttp://www.padhokhelo.com/wp-content/uploads/2014/09/I-want-to-be-a-kid-again-150x150.jpgSanjeev JaiswalPoemReal Experience QuotesWonderful Quoteshindi poemएक सुकून कि तालाश मे, ना जाने कितनी बेचैनियाँ पाल लीं... और लोग कहते हैं, हम बड़े हो गये और ज़िन्दगी संभाल ली... बचपन में सबसे अधिक पूछा गया एक सवाल । -बड़े होकर क्या बनना है....? अब जाकर जवाब मिला । -फिर से बच्चा बनना है ..Share what you like